प्रदर्ष मंजूषा – 1 और 2

प्रदर्ष मंजूषा – 1 और 2 : इन दोनों प्रदर्ष मंजूषा में मानव मृण्मूर्तियों को प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्ष मंजूषा 1 में 27 एवं प्रदर्ष मंजूषा 2 में 21 पुरावशेषों को प्रदर्शित किया है जिसमें मानव मृण्मूर्तियों के सिर, बुद्ध की मूर्ति, हिन्दु देवी दुर्गा एवं नाग की मूर्तियाँ आदि प्रमुख है। इन सभी पुरावशेषों का काल तीसरी सदी ई0 पूर्व से साँतवीं -आठवीं शताब्दी ई0 तक माना गया है।

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