प्रदर्ष मंजूषा – 3 और 4

प्रदर्ष मंजूषा – 3और 4 :   प्रदर्ष मंजूषा 3 और 4 में पशु मृणमूर्तियों को प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्ष मंजूषा 3 में 21 तथा प्रदर्ष मंजूषा 4 में 21 मूर्तियों को प्रदर्शित किया गया है जिसमें घोड़े, नाग, पक्षी, बन्दर, भेड़, हाथी, कुत्ता, गेंडा एवं कई पुरावशेषों को एकत्रित कर निर्मित बैलगाड़ी आदि प्रमुख है जिनका काल तीसरी शताब्दी ई0 पूर्व से चैथी शताब्दी ई0 तक माना गया है।

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